कृषि में है अपार संभावनाएं, युवा कृषि में बनाएं अपना कॅरियर

कृषि में है अपार संभावनाएं, युवा कृषि में बनाएं अपना कॅरियर - हमें लगता है कि खेती गरीबों और अशिक्षितों का व्यवसाय है. किसानों की स्थितियों और आत्महत्याओं की कहानियां इस मिथक की पुष्टि करती हैं.

किंतु लोग अब यह अनुभव कर रहे हैं कि कृषि अब उन व्यक्तियों के हाथों में आ सकती है जो सुशिक्षित, सुप्रशिक्षित हैं और जिनका मन-मस्तिष्क सही दिशा में है.इसके कुछ शानदार उदाहरण नीचे दिए गए हैं...

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कृषि से किया 3 करोड़ का कारोबार

सत्यजीत और आजिंक्य हांगे ऑर्गेनिक कृषि के माध्यम से 3 करोड़ रु. का कारोबार कर के सुर्खियों में हैं. दोनों भाइयों ने पुणे में एक एंग्लो-इंडियन बोर्डिंग स्कूल में पढ़ाई की, जब कि उनके पिता महाराष्ट्र के इंदापुर तालुका के भोडानी गांव में खेतों में कठिन परिश्रम करते थे.

सत्यजीत और आजिंक्य ने पुणे विश्वविद्यालय से एम.बी.ए. की डिग्री प्राप्त की और जैविक (ऑर्गेनिक)  खेती के कार्य में आने से पहले लगभग एक दशक तक सिटी बैंक, एच.डी.एफ.सी., एच.एस.बी.सी. और डी.बी.एस. जैसे शीर्ष एन.एन.सी. बैंकों में कार्य किया. उन्हें सफलता आसानी से नहीं मिली.

जबकि वे पर्यावरण के अनुकूल और स्वास्थ्यवर्धक जैविक कृषि मॉडल को लोकप्रिय बनाना चाहते थे, उन्हें अपनी फसलों के बेहतर दाम प्राप्त करने के उपाय खोजने थे. उन्होंने एक नया किसान बाजार स्थापित किया और अपनी उपज को ग्राहक की चौखट तक ले जाकर बिचौलियों और खुदरा शृंखलाओं से छुटकारा दिलाया.

आज उनके ग्राहक आधार में कई बॉलीवुड हस्तियां और कुछ सबसे बड़े व्यवसायी टाइकून शामिल हैं.

खेती के लिए छोड़ी सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की नौकरी

प्रतिभा कृष्णा एक अन्य मिसाल हैं जिन्होंने उत्तराखंड के एक गांव में खेती करने के लिए बेंगलुरु की एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी छोड़ दी. उनका मकसद ग्रामीण महिलाओं को अपने परिवार को छोडकऱ दूर के शहरों में जाए बिना पैसे कमाने में मदद करना था.

प्रतिभा महिलाओं को बुनाई जैसे काम भी सिखाती हैं और शहरों मेंं उनके उत्पादों के लिए बाजार खोजने की योजना बनाती हैं ताकि उन्हें स्थिर आय अर्जित करने में मदद मिल सके.

कृषि पाठ्यक्रम जो आप कक्षा 12 के बाद कर सकते हैं

प्रमाणपत्र कार्यक्रम
सबसे छोटा कृषि पाठ्यक्रम जो कक्षा 10 या कक्षा 12 के बाद चुन सकते हैं वे सर्टिफिकेट प्रोग्राम हैं जिनकी अवधि आमतौर पर एक से दो वर्ष होती है. अधिकांश लोकप्रिय प्रमाणपत्र कार्यक्रम बागवानी, फलों की खेती, एक्वाकल्चर, मछली पालन, मधुमक्खी पालन और फलों के उत्पादन में प्रस्तुत किए जाते हैं.

डिप्लोमा पाठ्यक्रम
अधिकांश डिप्लोमा कोर्स तीन वर्ष के होते हैं लेकिन उनमें से कुछ की अवधि एक से तीन वर्ष हो सकती है. कक्षा   10 या कक्षा 12 के बाद ये कोर्स कर सकते हैं (पाठ्यक्रम चलाने वाले संस्थान द्वारा परिभाषित पात्रता मानंदडों के आधार पर).

अधिकांश लोकप्रिय डिप्लोमा पाठ्यक्रम जो लोग चुनते हैं, वे कृषि, डेयरी प्रौद्योगिकी, फूलों की खेती, खाद्य प्रसंस्करण और बागवानी के क्षेत्र में हैं.

स्नातक कार्यक्रम
किसी भी विधा के छात्र जिन्होंने न्यूनतम निर्दिष्ट मानदंडों के साथ अपनी कक्षा 12 पूरा कर ली है, वे कृषि प्रबंधन में बीबीए (बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्टे्रशन) का विकल्प चुन सकते हैं. कोर्स की अवधि तीन वर्ष है.

जिन छात्रों ने विज्ञान विधा (विशेषकर फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी (पीसीबी) या मैथ (पीसीएमबी) के साथ पीसीबी) के साथ अपनी कक्षा 12 पास कर ली है, वे कृषि, डेयरी सांइस, प्लांट सांइस, कृषि जैव प्रौद्योगिकी, कृषि और खाद्य विज्ञान, बागवानी, पादप रोग विज्ञान, मत्स्य विज्ञान या वानिकी में बीएससी (बैचलर ऑफ साइंस) का विकल्प चुन सकते हैं. बी.एससी कार्यक्रम 3 वर्ष की अवधि के होते हैं.

जिन छात्रों ने साइंस विधा (विशेषकर फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ (पीसीएम) के साथ 12 कक्षा उत्तीर्ण की है, वे बी.ई. या कृषि इंजीनियरिंग, कृषि सूचना प्रौद्योगिकी, डेयरी प्रौद्योगिकी, कृषि और डेयरी प्रौद्योगिकी, या कृषि और खाद्य प्रसंस्करण में बी.टेक पाठ्यक्रम कर सकते हैं. कभी-कभी, पीसीएमबी या पीसीबी विधा वाले छात्रों को उनके अकादमिक रिकॉर्ड और प्रवेश परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर इन कार्यक्रमों में प्रवेश दिया जा सकता है. बी.ई. और बी.टेक कार्यक्रम आम तौर पर 4 वर्ष के होते हैं.

कृषि में पैसे के साथ सम्मान भी
कृषि एक ऐसा पेशा है जहां आप पैसा कमा सकते हैं और साथ ही ग्रामीण भारत में उन लोगों पर प्रभाव डाल सकते हैं जो अब तक हमारे समाज में अलग-थलग हैं, अनपढ़, अशिक्षित हैं और अपनी कमजोर जीवन शैली से मुक्त नहीं हो पा रहें हैं. लेकिन कृषि केवल खेती के बारे में नहीं है. इस क्षेत्र के विभिन्न पहलु हैं. कृषि के विभिन्न पहलु जिनके लिए आप काम कर सकते हैं.

कृषि एडवेंचरर
जब आप सामान्य 9-5 की नौकरी में दिलचस्पी नहीं रखते हैं तो आप  एक एडवेंचरर बन जाते हैं. इस लेख की शुरुआत में हमने लगभग सभी लोगों का उल्लेख किया था जो अपने आप मेंं साहसी हैं. कृषि एक ऐसा क्षेत्र है जो हमेशा रहेगी और नवीन प्रौद्योगिकियां क्षेत्र में नए करियर और नए अवसर पैदा करती रहेंगी. आप हमेशा कुछ ऐसा करके इस बदलाव में योगदान कर सकते हैं, जिसमें आप वास्तव में आनंद लेते हैं.

कृषि पत्रकार
एक पत्रकार के रूप में, आप सरकारी योजनाओं, उद्योग नियमों, खाद्य उत्पादन विकल्पों, नई कृषि प्रौद्योगिकियों और उपकरणों एवं उद्योग में नवीनतम घटनाओं से संबंधित कुछ भी लिख सकते हैं. भारत के कुछ सबसे प्रसिद्ध कृषि पत्रकारों में राजेश सिंहा (जिंहोंने झारखंड के आदिवासी लोगों पर वन अधिकार अधिनियम के प्रभाव पर कहानियां शामिल की) और हरिकिशन शर्मा (जिन्होंने हरियाणा के मेवात क्षेत्र के बीपीएल परिवारों पर ग्रामीण स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभाव पर काम किया है) शामिल हैं.

प्रिंट और पैकेजिंग डिजाइनर
किराने की दुकानों और खुदरा विके्रताओं में प्रिंट और पैकेजिंग डिजाइनर उच्च मांग में हैं. इसलिए, यदि आप रचनात्मक हैं, तो आप कृषि उत्पादकों और खाद्य उद्योगपतियों के लिए पैकेजिंग डिजाइन कर सकते हैं.

कृषि का अध्ययन कहां करें?
भारत में लगभग 400 शैक्षणिक संस्थान कृषि (और संबंधित क्षेत्रों) में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम चलाते हैै. भारत में कृषि का अध्ययन कराने वाले कुछ सर्वोत्तम संस्थान हैं ...
1. भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली
2. तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय कोयंबटूर
3. केंद्रीय कृषि संस्थान , भोपाल
4. अनबिल धर्मलिंगम कृषि महाविद्यालय और अनुसंधान संस्थान, तिरुचिरापल्ली,
5. भारतीय कृषि सांख्यिकी अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली,
6. राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान, करनाल,
7. कोचीन यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एडं टेक्नोलॉजी , कोच्चि
8. केंद्रीय मात्स्यिकी शिक्षा संस्थान , मुंबई,
9. नेशनल ब्यूरो ऑफ फिश जेनेटिक रिसोर्सेज, लखनऊ,
10. भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून

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