मुकेश अम्बानी ने अनिल अम्बानी को जेल जाने से बचाया

अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए तय समयसीमा से एक दिन पहले एरिक्सन की बकाया राशि 7.7 करोड़ डॉलर का भुगतान कर दिया है. अनिल के बड़े भाई तथा भारत के सबसे अमीर आदमी मुकेश अम्बानी ने अपने भाई अनिल अंबानी की मदद कर उन्हें जेल जाने से बचा लिया है.

मुकेश अम्बानी ने अनिल अम्बानी को जेल जाने से बचाया

ज्ञातव्य है कि आरकॉम को सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय समयसीमा मंगलवार तक यह भुगतान करना था और अगर कंपनी यह भुगतान करने में विफल रहती है तो आरकॉम के चेयरमैन अनिल अंबानी को तीन महीने का कारावास हो जाता.

अनिल अम्बानी के लिए परेशानियों की शुरुआत पिछले महीने से ही हो गई थी जब इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इसे 'जानबूझ कर भुगतान नहीं करने' का मामला बताया और अनिल को 'अदालत की अवमानना' का दोषी पाया.

शीर्ष अदालत ने कंपनी को आदेश देकर कहा कि वह या तो चार हफ्ते के भीतर एरिक्सन के बकाये का भुगतान करे या चेयरमैन अनिल अंबानी तीन माह जेल की सजा भुगतें.

अनिल अम्बानी इस एक महीने की समय सीमा में पैसे का इंतजाम कर रहे थे तथा इनकम टैक्स रिफंड के तौर पर कंपनी में आये करीब 260 करोड़ रुपयों को एरिक्सन को भुगतान के रूप में चुकाने के लिए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में अपने कर्जदाताओं के खिलाफ लड़ रहे थे परन्तु यहाँ भी इन्हें नाकामी हाथ लगी.

ऐसे मुश्किल समय में बड़े भाई ने छोटे भाई का साथ निभाया जिस पर अनिल ने एक बयान जारी कर अपने बड़े भाई मुकेश और भाभी नीता अंबानी की मदद के लिए धन्यवाद किया है. इस बयान में उन्होंने लिखा है, ''इस मुश्किल घड़ी में मुझे अपने परिवार से मदद मिली है. यह हमारे परिवार के मज़बूत मूल्यों को दर्शाता है. जिस वक्त मुझे सबसे ज़्यादा मदद की जरूरत थी मेरा परिवार साथ खड़ा हुआ. मैं और मेरा परिवार इस बात के लिए आभारी है कि हम अतीत से निकल गए हैं. इस मदद के लिए दिल से आभार प्रकट करता हूँ.''

इसके साथ ही रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) और रिलायंस जियो ने आपसी सहमति से दूरसंचार संपत्तियों की बिक्री के समझौते को समाप्त कर दिया है. लगभग पंद्रह महीने पहले अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस ने अपनी संपत्तियों की बिक्री, मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जिओ को करने का करार किया था.

दोनों कम्पनियों ने इस करार को खत्म करने की वजह सरकार और ऋणदाताओं से मंजूरी मिलने में देरी को बताया है.

गौरतलब है कि पिछले वर्ष आरकॉम ने अपने 46,000 करोड़ रुपए के कर्ज को कम करने के लिए 122.4 मेगाहर्ट्ज स्पेकक्ट्र म और 43,000 टेलीकॉम टावर्स को बेचने के लिए रिलायंस जियो के साथ एक करार किया था.

मुकेश अम्बानी ने अनिल अम्बानी को जेल जाने से बचाया
Mukesh Ambani rescues Anil Ambani from jail